हरियाणा के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत गिरफ्तार
5000 करोड़ के घोटाले में सीबीआई से बचाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

सत्य खबर हरियाणा
IPS Deepak Gahlawat Arrest : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के आईपीएस (IPS) अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह गिरफ्तारी नकली दवा बनाने वाले एक बड़े रैकेट की जांच से जुड़े तीन करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मामले में हुई है। इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार और प्रभाव के दुरुपयोग से जुड़े मामले में हरियाणा कैडर के इन वरिष्ठ IPS अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब किया था।

बहुचर्चित घोटाले के मुख्य आरोपी को CBI जांच से राहत दिलाने का भरोसा देकर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। मामले में CBI पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है और अब जांच की आंच वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है।
CBI सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कैडर के वर्ष 2012 बैच के IPS अधिकारी दीपक गहलावत जो वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात हैं, पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के कथित 5,000 करोड़ रुपये के नकली एवं जाली दवा घोटाले के मुख्य आरोपी एन. राजा उर्फ राजशेखर को जांच में राहत दिलाने का दावा किया। इसके बदले कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की मांग की गई।
FIR में क्या है आरोप
CBI द्वारा 8 जून को दर्ज FIR में मुख्य आरोपी एन. राजा, दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह, एक कथित बिचौलिए राजकुमार उर्फ मधनराज तथा अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने CBI मामलों में राहत दिलाने के नाम पर प्रभाव का इस्तेमाल करने की साजिश रची थी।
जांच में सामने आया है कि कथित रिश्वत राशि का एक हिस्सा हवाला नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाया गया। CBI का दावा है कि लगभग 1 करोड़ रुपये की रकम पहले ही आरोपी पक्ष द्वारा पहुंचाई जा चुकी थी। इसी लेनदेन और उससे जुड़े नेटवर्क की कड़ियां अब हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
DGCA पद पर रहे तैनात
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कथित अपराध के समय आईपीएस दीपक गहलावत नागर विमानन महानिदेशालय में रीजनल डायरेक्टर (क्षेत्रीय निदेशक) के पद पर तैनात थे।
आरोप है कि उन्होंने इस मोटी रिश्वत के बदले जांच एजेंसी के अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का दावा किया था। उन्होंने पुडुचेरी के एक व्यवसायी को भरोसा दिलाया था कि वह इस प्रभाव के जरिए नकली दवा रैकेट की सीबीआई जांच का रुख उसके पक्ष में मोड़ देंगे।
जांच एजेंसी इस मामले में रिश्वत के पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। कोर्ट में पेशी के बाद आगे की रिमांड और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कौन हैं दीपक गहलावत?
दीपक गहलावत मूल रूप से सोनीपत के गांव निजामपुर माजरा के निवासी हैं। रहने वाले हैं। मौजूदा समय में उनका परिवार रोहतक में रहता है।
दीपक साल 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। गुरुग्राम में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) के अलावा वह कई जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। खेलों के साथ-साथ प्रशासनिक सेवा में भी दीपक गहलावत का योगदान सराहनीय रहा है।
जांच पर पूरे देश की नजर
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ IPS अधिकारी का नाम सामने आया है। CBI फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही थी और एजेंसी की ओर से प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद ही अधिकारी को आरोपी घोषित किया गया है।
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